शेयर बाजार से थोड़ा-बहुत परिचित होने वाले व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल होने वाला शब्द 'सेंसेक्स' अब विवादों में फंस गया है। दरअसल, बीएसई इस शब्द 'सेंसेक्स' को अपने नाम से रजिस्टर कराना चाहता है लेकिन, एक आर्थिक विश्लेषक दीपक मोहोनी ने दावा किया है कि ये शब्द उनकी ईजाद है और 1989 में उन्होंने इसे अपने लेखों में भरपूर इस्तेमाल किया था जिसके बाद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ने इसे अपनाया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के सेंसिटिव इंडेक्स यानी संवेदी सूचकांक को छोटे रूप में 'सेंसेक्स' लिखा जाता है। लेकिन लोग संवेदी सूचकांक को भूलकर इसे ही इस्तेमाल करने लगे।
इस दिलचस्प मामले पर बीबीसी के मुम्बई संवाददाता ने एक रिपोर्ट में बताया है कि मोहोनी ने 1989-90 के अपने कुछ ऐसे लेख और रिपोर्ट पेश किए हैं जो ये साबित करते हैं कि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के काफ़ी पहले से वो इस शब्द सेंसेक्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। बकौल मोहोनी “मुझे बीएसई सेंसिटिव इंडेक्स इस्तेमाल करना काफ़ी भारी-भरकम और बोझीला लगता था. मैंने इसकी जगह सेंसेक्स का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया. इसके बाद और लोगों ने भी इसे अपना लिया और ये चल पड़ा.”
मोहोनी के दावे का समर्थन आर जगन्नाथ भी करते हैं। जगन्नाथ उस वक्त एक अखबार के संपादक हुआ करते थे। वो फ़िलहाल मुंबई के एक अख़बार डीएनए के संपादक हैं। जगन्नाथ कहते हैं, "बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के सेंसिटिव इंडेक्स काफ़ी लंबा होता था और ये बोलने में काफ़ी लंबा होता था। यहाँ तक कि शेयर बाज़ार के दलाल भी इसे ठीक से नहीं बोल पाते थे। जब मोहोनी ने इसकी जगह सेंसेक्स लिखना शुरू किया तो दूसरे व्यवसायिक अख़बारों ने भी इसे इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।"
मोहोनी कहते हैं कि उन्होंने इस शब्द सेंसेक्स को कभी एक ट्रेडमार्क के तौर पर रजिस्टर कराने की ज़रूरत भी नही
ं समझी। वो कहते हैं, "2003 में भारत में ट्रेडमार्क क़ानून में बदलाव के पहले तो ये मुमकिन ही नहीं था।" कुछ महीने पहले जब मोहोनी को मालूम चला कि बीएसई इस शब्द सेंसेक्स को अपने ट्रेडमार्क के तौर पर रजिस्टर कराना चाहता है तो उन्होंने अपना दावा रखा । मोहोनी बताते हैं कि इसके बाद बीएसई के वकीलों ने उनसे संपर्क किया और कहा कि वो अपना दावा वापस ले लें क्योंकि सही नहीं है। इसके बाद उन्होंने पुणे की अदालत का दरवाज़ा खटखटाया। मोहोनी पुणे के ही रहने वाले हैं। मोहोनी ने अदालत में दाखिल किए गए आवेदन में लिखा है, "1989 में सेंसेक्स शब्द मैंने ईजाद किया, उछाला और प्रचलित किया। लिहाज़ा इस पर मेरा अधिकार है।"
मोहोनी ने अदालत में बीएसई का वो नोटिस भी पेश किया है जिसमें उनसे कहा गया है कि वो सेंसेक्स पर अपना दावा छोड़ दें। यहाँ तक कि इस नोटिस में मोहोनी को ये भी कहा गया है कि वो इसी तरह के या इससे मिलते जुलते किसी भी शब्द पर भी दावा न करें। मोहोनी कहते हैं कि अगर बीएसई इस मामले में जीत जाता है तो इससे उनकी परामर्शी सेवाएं प्रभावित होंगी।
(साभार: बीबीसी)
इस अदालत में आने हेतु धन्यवाद।
… … कतिपय व्यक्तिगत एवं तकनीकी विवशतायों के चलते, बहुत से मुकद्दमें व विधिक समाचार, इस 'अदालत' में, समय पर नहीं आ पा रहे हैं। वास्तविकता के समान इनकी तारीखें भी बढ़ानी पड़ रहीं हैं। कोशिश की जायेगी, इनके त्वरित निवारण की।
अगली पेशी का ख्याल रखियेगा !!
… … कतिपय व्यक्तिगत एवं तकनीकी विवशतायों के चलते, बहुत से मुकद्दमें व विधिक समाचार, इस 'अदालत' में, समय पर नहीं आ पा रहे हैं। वास्तविकता के समान इनकी तारीखें भी बढ़ानी पड़ रहीं हैं। कोशिश की जायेगी, इनके त्वरित निवारण की।
अगली पेशी का ख्याल रखियेगा !!
Sunday, May 18, 2008
अब 'सेंसेक्स' पहुंचा अदालत में
जिन शब्दों पर गौर किया गया, वे हैं
अधिकार,
ट्रेडमार्क,
दावा,
पुणे,
बीएसई,
मोहोनी,
संवेदी सूचकांक,
सेंसेक्स
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