Friday, May 16, 2008

सब कुछ है !! ( कव्वाली )

सब कुछ है !! ( कव्वाली )
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सब कुछ है बक्षा खुदा ने!
सब कुछ है बक्षा खुदा ने... हाय...
सब कुछ है बक्षा खुदा ने,
कहा कोई कमी है?

चांदनी रात मे!
चांदनी रात मे.. हाय...
चांदनी रात मे,
इक चांद नही है!!

नही है!! नही है!!
इक चांद नही है!!

मौसम मे मिठे सर्दियों के!
मौसम मे मिठे सर्दियों के... हाय...
मौसम मे मिठे सर्दियों के,
ठिठुरती तन्हाईयॉ है!!

तन्हाईयॉ है!! तन्हाईयॉ है!!
ठिठुरती... तन्हाईयॉ है!!

खुशीयों के तबसुम मे!
खुशीयों के तबसुम मे... हाय..
खुशीयों के तबसुम मे,
काटों पे नमी है!!

नमी है!! नमी है!!
कहा कोई कमी है!!

कहने को कहदू खुशी से!
कहने को कहदू खुशी से... हाय...
कहने को कहदू खुशी से,
कोई गम नही है!!

नही है!! नही है!!
कोई गम नही है!!

सब कुछ है बक्षा खुदा ने,
कहा कोई कमी है!!

कहा कोई कमी है!!
कहा कोई कमी है!!

दिल के बागान मे!
दिल के बागान मे... हाय...
दिल के बागान मे,
गम बागबाग है!!

दिल इस कदर गुल है के!
दिल इस कदर गुल है के... हाय...
दिल इस कदर गुल है के,
दिल ही नही है!!

नही है!! नही है!!
कोई गम नही है!!

सब कुछ है बक्षा खुदा ने,
कहा कोई कमी है!!

सब कुछ है बक्षा खुदा ने!
सब कुछ है बक्षा खुदा ने!!
सब कुछ है बक्षा खुदा ने,
कहा कोई कमी है?

सब कुछ है बक्षा खुदा ने,
कहा कोई कमी है!!



स्वाती फडणीस ................. १६-०५-२००८

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